Delhi AQI : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लाखों लोगों ने आज सुबह एक बार फिर गहरे धुंध और जहरीली हवा के साथ आंखें खोली। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सघन स्मॉग (धुंध) की चादर बिछी हुई है, जिससे दृश्यता तो प्रभावित हुई ही है, सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 390 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, राजधानी के कई इलाकों की हवा की गुणवत्ता ‘सेवियर’ यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
Delhi AQI:
आज सुबह का आंकड़ा बताता है कि दिल्ली का समग्र AQI ‘सेवियर’ श्रेणी (401-500) के बेहद करीब, ‘बहुत खराब’ (301-400) में है। लेकिन जब हम विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालते हैं, तस्वीर और भी भयावह नजर आती है। CPCB के अनुसार, आज सुबह 8 बजे दिल्ली के निम्नलिखित क्षेत्रों का AQI ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज किया गया:
| क्षेत्र का नाम | AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| जहांगीरपुरी | 442 | गंभीर (Severe) |
| रोहिणी | 436 | गंभीर (Severe) |
| आनंद विहार | 435 | गंभीर (Severe) |
| गाजीपुर | 435 | गंभीर (Severe) |
| चांदनी चौक | 419 | गंभीर (Severe) |
| बुराड़ी क्रॉसिंग | 415 | गंभीर (Severe) |
| आर.के. पुरम | 404 | गंभीर (Severe) |
यह तालिका स्पष्ट करती है कि राजधानी के बड़े हिस्से सीधे तौर पर ‘गंभीर’ प्रदूषण की चपेट में हैं। पिछले दिन, शुक्रवार 12 दिसंबर को दिल्ली का समग्र AQI 386 था, जो दर्शाता है कि स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है और हवा की गुणवत्ता लगातार खतरनाक स्तर पर बनी हुई है।
AQI श्रेणियां और उनके स्वास्थ्य प्रभाव
AQI को 0 से 500 के पैमाने पर मापा जाता है, जिसे विभिन्न स्वास्थ्य प्रभावों वाली श्रेणियों में बांटा गया है। CPCB के अनुसार इन श्रेणियों का विवरण इस प्रकार है:
- 0-50 (अच्छा): न्यूनतम स्वास्थ्य प्रभाव।
- 51-100 (संतोषजनक): संवेदनशील लोगों को मामूली सांस की तकलीफ हो सकती है।
- 101-200 (मध्यम): फेफड़ों और दिल के रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सांस लेने में तकलीफ।
- 201-300 (खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर स्वस्थ लोगों को भी सांस की तकलीफ हो सकती है।
- 301-400 (बहुत खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर सांस की बीमारी का खतरा, स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है।
- 401-500 (गंभीर): स्वस्थ लोगों पर भी गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव; सभी को बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए।

आज दिल्ली का समग्र AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है, जो बताता है कि लंबे समय तक इस हवा में रहने से स्वस्थ व्यक्तियों को भी सांस संबंधी बीमारियों का खतरा है। वहीं, तालिका में दिखाए गए क्षेत्रों की स्थिति तो और भी भयानक है, जहां हर किसी के लिए स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति है।
दृश्यता शून्य, यातायात प्रभावित
स्मॉग के साथ-साथ हल्की कोहरे ने भी आज सुबह राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता को बुरी तरह प्रभावित किया है। गाजीपुर और आनंद विहार जैसे इलाकों में दृश्यता गंभीर रूप से कम रही। इसका सीधा असर सड़क और हवाई यातायात पर पड़ा है।
दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Delhi Airport) ने एक सलाह जारी करते हुए कहा है कि “कम दृश्यता प्रक्रियाएं” (Low Visibility Procedures) लागू हैं। हवाई अड्डे ने स्पष्ट किया कि अभी सभी उड़ान संचालन सामान्य हैं, लेकिन यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी उड़ान की नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। सड़कों पर वाहन चालकों को भी अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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स्वास्थ्य के लिए तत्काल सावधानियां
इस गंभीर वायु गुणवत्ता के मद्देनजर, डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ नागरिकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं:
- अनावश्यक बाहर न निकलें: जहां तक संभव हो, घर के अंदर रहें, खासकर सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है।
- N95/ N99 मास्क का प्रयोग: यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सामान्य कपड़े का मास्क न पहनें। N95 या N99 ग्रेड के मास्क ही प्रदूषण के सूक्ष्म कणों (PM2.5) से कुछ हद तक सुरक्षा दे सकते हैं।
- बाहरी व्यायाम से बचें: पार्क या सड़क पर दौड़ना, जॉगिंग, साइकिल चलाना या योग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। घर के अंदर हल्के व्यायाम करें।
- अपने घर की हवा शुद्ध रखें: खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। यदि संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। पर्दे नियमित धोएं।
- संवेदनशील समूह विशेष सतर्कता बरतें: बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और अस्थमा, हृदय रोग, फेफड़ों के रोग जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से पीड़ित लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें। किसी भी तरह की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- हाइड्रेटेड रहें और स्वस्थ आहार लें: खूब पानी पिएं। विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार (जैसे खट्टे फल, अखरोट) लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
लगातार बिगड़ती स्थिति और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
दिल्ली में सर्दियों के मौसम में AQI का खतरनाक स्तर पर पहुंचना अब एक आम बात हो गई है। वाहनों का धुआं, उद्योगों का प्रदूषण, निर्माण कार्य और खासतौर पर पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हाल के हफ्तों में मामूली सुधार के बावजूद, राजधानी के बड़े हिस्से आज भी घने और जहरीले स्मॉग में घिरे हैं।
इस बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू कर दिया है। विभिन्न पार्टियां एक-दूसरे पर समस्या के प्रति लापरवाही और ठोस कदम न उठाने का आरोप लगा रही हैं, जबकि आम जनता सांस लेने के लिए शुद्ध हवा के एक छोटे से झोंके को तरस रही है।
निष्कर्ष: एक सामूहिक चुनौती
13 दिसंबर 2025 की यह सुबह एक बार फिर यह याद दिलाती है कि वायु प्रदूषण सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लिए एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है। आंकड़े स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि जहां दिल्ली का औसत AQI ‘बहुत खराब’ की कगार पर है, वहीं कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी का सामना कर रहे हैं।
ऐसे में, नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उपर्युक्त सावधानियों का पालन करें। साथ ही, यह समस्या केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसे हल करने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता की जरूरत है। वाहनों के प्रयोग में कमी, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहन, कचरा न जलाना और हरियाली बढ़ाने जैसे छोटे-छोटे कदम लंबे समय में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। जब तक एक साफ और स्वच्छ हवा का सपना साकार नहीं होता, तब तक ऐसी सुबहों से सबक लेते हुए, अपनी और अपने प्रियजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।


