Republic Today: देश के अधिकांश घरों में गेहूं का भंडारण साल भर के लिए किया जाता है। गेहूं न सिर्फ हमारी थाली का अहम हिस्सा है बल्कि किसानों की मेहनत और परिवार की आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि सही देखभाल न होने पर गेहूं में घुन लग जाते हैं, जिससे पूरा अनाज खराब हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि गेहूं को घुन से कैसे बचाएं? आज हम आपको कुछ ऐसे कारगर और वैज्ञानिक उपाय बता रहे हैं जिनसे आपका अनाज सालों-साल सुरक्षित रहेगा।
मार्च 2026 की शुरुआत में जब नई फसल बाजार में आने वाली है, तब यह जानकारी और भी अहम हो जाती है। गेहूं भंडारण की ये तकनीकें न सिर्फ घरेलू बल्कि व्यावसायिक स्तर पर भी अपनाई जा सकती हैं।
क्यों लगते हैं गेहूं में घुन?
इस सवाल का जवाब जानना जरूरी है कि आखिर गेहूं को घुन से कैसे बचाएं इसकी जद्दोजहद क्यों करनी पड़ती है? दरअसल, घुन छोटे कीट होते हैं जो नमी और गर्मी में तेजी से पनपते हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर गेहूं में 12 फीसदी से अधिक नमी हो तो घुन लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
आमतौर पर ये 5 कारण जिम्मेदार होते हैं:
- अनाज में नमी या सीलन का होना
- बिना धूप दिखाए भंडारण करना
- गीले या नम कंटेनर का इस्तेमाल
- पुराने और नए गेहूं को एक साथ मिला देना
- भंडारण क्षेत्र का गंदा या हवारोधी न होना
घरेलू उपाय: गेहूं को घुन से बचाने का देसी जुगाड़
उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रामसेवक सिंह बताते हैं कि रासायनिक कीटनाशकों के बिना भी गेहूं को घुन से कैसे बचाएं ये हमारे पूर्वज अच्छी तरह जानते थे। उनके बताए कई नुस्खे आज भी कारगर हैं।
1. धूप में सुखाना सबसे जरूरी
नई फसल घर लाने के बाद सबसे पहले गेहूं को 2-3 दिन तेज धूप में फैलाकर सुखाएं। धूप से न केवल नमी खत्म होती है बल्कि अंडे के रूप में मौजूद घुन भी मर जाते हैं। मार्च-अप्रैल की तेज धूप इसके लिए सबसे उपयुक्त होती है।
2. नीम की पत्तियां: वरदान से कम नहीं
नीम में मौजूद एजाडिरेक्टिन नामक तत्व प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है। सूखी नीम की पत्तियों को गेहूं में परत-दर-परत रखें। हर 5-10 किलो गेहूं पर मुट्ठी भर नीम की पत्तियां डालना पर्याप्त है। यह तरीका सदियों पुराना है और पूरी तरह सुरक्षित भी।
3. तेजपत्ता और लौंग का कमाल
अगर नीम न मिले तो तेजपत्ता या लौंग भी उतने ही कारगर हैं। 10-12 तेजपत्तों को कपड़े की पोटली में बांधकर अनाज के बीच रख दें। लौंग की तेज गंध भी घुन को दूर भगाती है। यह तरीका छोटे परिवारों के लिए बेहद आसान है।
4. माचिस की तीलियों का देसी जुगाड़
गांव-देहात में आज भी लोग गेहूं में माचिस की डिब्बी रख देते हैं। दरअसल, माचिस की तीलियों में मौजूद सल्फर और फॉस्फोरस की गंध कीड़ों को दूर रखती है। ध्यान रखें, तीलियां डिब्बी सहित रखें, खुली हुई न हों।
5. नमक और फिटकरी का उपाय
कुछ क्षेत्रों में लोग कपड़े में थोड़ा सा काला नमक या फिटकरी बांधकर अनाज में रखते हैं। ये नमी सोखने का काम करते हैं और कीड़ों को पनपने से रोकते हैं।
वैज्ञानिक विधि: आधुनिक तकनीक से सुरक्षित भंडारण
अब सवाल उठता है कि बड़े पैमाने पर या व्यावसायिक स्तर पर गेहूं को घुन से कैसे बचाएं? इसके लिए कुछ वैज्ञानिक तरीके भी हैं जिन्हें कृषि विभाग और भारतीय खाद्य निगम (FCI) अपनाते हैं।
एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल
प्लास्टिक की बोरियों की जगह अगर धातु के ड्रम या एयरटाइट प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल करें तो घुन नहीं लग पाते। ऑक्सीजन की कमी से कीड़े पनप नहीं सकते। आजकल बाजार में खास फूड-ग्रेड प्लास्टिक के ड्रम उपलब्ध हैं जो 50-100 किलो अनाज रखने लायक होते हैं।
फर्श से ऊंचाई पर रखें ड्रम
कभी भी अनाज के कंटेनर सीधे जमीन या फर्श पर न रखें। लकड़ी के पट्टे या ईंटों पर रखें ताकि नीचे से नमी न चढ़े। दीवार से भी थोड़ी दूरी रखें ताकि हवा आती-जाती रहे।
प्रशिक्षित कीटनाशक का छिड़काव
बड़े गोदामों में अक्सर मैलाथियान या डीडीवीपी जैसे कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। लेकिन घरेलू इस्तेमाल में इससे बचना चाहिए। अगर बहुत जरूरी हो तो कृषि विभाग के एक्सपर्ट की सलाह से ही इस्तेमाल करें।
भंडारण से पहले बरतें ये सावधानियां
विशेषज्ञों के मुताबिक, सही तरीके से भंडारण करें तो गेहूं को घुन से कैसे बचाएं का सवाल ही नहीं उठता। इन बातों का खास ध्यान रखें:
- पुराना और नया गेहूं कभी एक साथ न मिलाएं
- भंडारण से पहले कंटेनर को अच्छी तरह धोकर सुखा लें
- गेहूं भरने से पहले कंटेनर के नीचे अखबार या कपड़ा बिछा दें
- हर 2-3 महीने में एक बार अनाज को पलट दें और धूप दिखा दें
- भंडारण क्षेत्र में नमी न हो, इसका ध्यान रखें
कितने दिनों तक सुरक्षित रह सकता है गेहूं?
अगर उपरोक्त सभी उपाय अपनाए जाएं तो गेहूं को 1 से 2 साल तक बिना किसी नुकसान के स्टोर किया जा सकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के मुताबिक, सही तापमान (18-20 डिग्री सेल्सियस) और नमी (10-12%) में गेहूं की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
कृषि विज्ञान केंद्र, बरेली की वैज्ञानिक डॉ. साधना त्रिपाठी बताती हैं, “आजकल लोग केमिकल युक्त दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। जबकि हमारे पास नीम, तेजपत्ता, लौंग जैसे प्राकृतिक विकल्प मौजूद हैं। गेहूं को घुन से कैसे बचाएं इसका सबसे सरल और सस्ता उपाय धूप और नीम ही है।”
निष्कर्ष:
गेहूं हमारे देश की आर्थिक और खाद्य सुरक्षा का आधार है। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। चाहे गृहिणी हों या किसान, हर किसी को यह जानना जरूरी है कि गेहूं को घुन से कैसे बचाएं।
धूप, नीम की पत्तियां, एयरटाइट कंटेनर और नियमित जांच – बस इन चार आसान उपायों से आप अपने अनाज को सालों-साल सुरक्षित रख सकते हैं। रासायनिक कीटनाशकों से बचें और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं। यह न सिर्फ आपके परिवार की सेहत के लिए बेहतर है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।
आज ही इन उपायों को अपनाएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें। अनाज की सुरक्षा ही देश की सुरक्षा है।


