भोपाल। मध्य प्रदेश में हवाई यात्रा के विस्तार को एक नई गति मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को रीवा से रायपुर के बीच नई हवाई सेवा का वर्चुअली शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेश के चार शहरों में Mp New Airports बनाने की बड़ी घोषणा भी की। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किजारापु राममोहन नायडू भी इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े।
यह पूरा आयोजन मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विमानन नीति-2025 के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना और प्रदेश को एविएशन हब के रूप में विकसित करना है। आइए जानते हैं इस बड़ी घोषणा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात।
कौन से होंगे MP के चार नए एयरपोर्ट?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने चार नए एयरपोर्ट विकसित करने का निर्णय लिया है। ये सभी एयरपोर्ट रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS-UDAN) के तहत बनाए जाएंगे। इस योजना के तहत केंद्र सरकार उड़ानों को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए सब्सिडी भी देती है।
- शहडोल एयरपोर्ट: यह एयरपोर्ट विन्ध्य और रीवा संभाग के लिए एक और बड़ा कनेक्टिवि�ी सेंटर होगा।
- नीमच एयरपोर्ट: मालवा और राजस्थान बॉर्डर से सटे नीमच में एयरपोर्ट बनने से इस इलाके के उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- छिंदवाड़ा एयरपोर्ट: महाकौशल क्षेत्र के इस प्रमुख शहर में एयरपोर्ट बनने से नागपुर और जबलपुर से बेहतर कनेक्टिविटी होगी।
- मंडला एयरपोर्ट: पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडला में एयरपोर्ट बनने से यहां के किलों और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में 8 एयरपोर्ट चालू हैं। उज्जैन और शिवपुरी के एयरपोर्ट जल्द शुरू हो जाएंगे, जिसके बाद यह संख्या 10 हो जाएगी। इन चार नए एयरपोर्ट के बनने के बाद प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एयरपोर्ट की कुल संख्या 14 हो जाएगी।
रीवा-रायपुर उड़ान से जुड़ा विंध्य और छत्तीसगढ़
इस कार्यक्रम की मुख्य उपलब्धि रीवा से रायपुर के बीच एलायंस एयर की फ्लाइट का शुभारंभ रहा। यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट का विस्तार भी जल्द किया जाएगा। यह पूरे विंध्य अंचल के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा, “ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद यहां से दिल्ली और इंदौर के लिए उड़ानें शुरू हो चुकी हैं।
मध्य प्रदेश विमानन नीति-2025?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने साफ नीति बनाई है कि छोटे शहर भी हवाई यात्रा से जुड़ें और प्रदेश का हर प्रमुख केंद्र एयर कनेक्टिविटी के नक्शे पर दिखे। इसके लिए विमानन नीति-2025 में आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
- घरेलू उड़ानों के लिए अनुदान: नए घरेलू मार्ग शुरू करने वाली एयरलाइंस को 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी।
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए प्रोत्साहन: इंदौर से अबुधाबी जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों को बढ़ावा देने के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। हाल ही में जबलपुर से कोलकाता की उड़ान को भी इसी नीति से मंजूरी मिली।
- कार्गो और लॉजिस्टिक्स: प्रदेश में एयर कार्गो को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं पर 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए अलग से कार्गो क्लस्टर बनाए जा रहे हैं।
- हेली सेवाएं: प्रधानमंत्री के “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा करे” के मंत्र को साकार करते हुए प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस और धार्मिक पर्यटन हेली सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किजारापु राममोहन नायडू ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा काम हो रहा है।”
उन्होंने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि एलायंस एयर के साथ “वन रूट वन फेयर” के लिए देश का पहला अनुबंध किया गया है। इससे यात्रियों को एक ही मार्ग पर किराये में एकरूपता मिलेगी और उनका शोषण नहीं होगा।
मध्य प्रदेश के ऑपरेशनल एयरपोर्ट की लिस्ट
मुख्यमंत्री के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में ये एयरपोर्ट चालू हैं:
- भोपाल (राजा भोज एयरपोर्ट)
- इंदौर (देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट)
- जबलपुर
- ग्वालियर
- खजुराहो
- रीवा
- सतना
- दतिया (हाल ही में शुरू)
जल्द शुरू होने वाले:
- उज्जैन
- शिवपुरी
क्यों खास है यह पहल?
मध्य प्रदेश मध्य भारत में स्थित होने के बावजूद हवाई कनेक्टिविटी के मामले में दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्यों से पीछे था। अब नई विमानन नीति और आरसीएस योजना के तहत बनने वाले MP New Airports इस तस्वीर को बदलने वाले हैं।
- पर्यटन को बढ़ावा: मंडला और खजुराहो जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
- औद्योगिक विकास: नीमच और छिंदवाड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से माल की ढुलाई और बिजनेस ट्रैवल सुगम होगा।
- रोजगार के अवसर: नए एयरपोर्ट बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह घोषणा प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। रीवा-रायपुर उड़ान की शुरुआत और चार नए एयरपोर्ट की घोषणा से यह साफ है कि सरकार प्रदेश के हर कोने को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जब ये Mp New Airports बनकर तैयार होंगे और उज्जैन-शिवपुरी जैसे एयरपोर्ट शुरू होंगे, तब मध्य प्रदेश देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरेगा।


