PM Awas Yojana Gramin Survey 2026: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत 2026 तक 2 करोड़ नए पक्के घर बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी चरण की सबसे खास बात है ‘आवास+ 2024’ मोबाइल ऐप के जरिए ‘स्वयं सर्वेक्षण’ (Self-Survey) का नया विकल्प। इसका मतलब है कि अब पात्र परिवार खुद ही अपने मोबाइल फोन से अपनी पात्रता का सर्वे करवा सकते हैं और लाभार्थी सूची में नाम जोड़ सकते हैं।
PM Awas Yojana Gramin Survey नया लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है जिसका मकसद ग्रामीण भारत में हर बेघर और कच्चे या जर्जर घर में रहने वाले परिवार को एक पक्का आवास मुहैया कराना है। योजना का नया चरण मार्च 2024 के बाद भी जारी रहेगा और अगले पांच वर्षों में लगभग 10 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलने का अनुमान है। नए सर्वे का उद्देश्य 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC) के डेटा के आधार पर बनी मौजूदा सूची के अलावा, अतिरिक्त पात्र परिवारों की पहचान करना है।
‘स्वयं सर्वेक्षण’ कैसे करें?
पिछले चरणों में लाभार्थियों की पहचान मुख्य रूप से ग्राम सभा सत्यापन के माध्यम से होती थी। लेकिन नए चरण में तकनीक को केंद्र में रखा गया है।
- ‘आवास+ 2024’ ऐप है जरिया: केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासनी के अनुसार, नई लाभार्थी सूची तैयार करने के लिए ‘आवास+ 2024’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एक सर्वेक्षण चलाया जा रहा है।
- दो विकल्प: इस ऐप में ‘स्वयं सर्वेक्षण’ और पूर्व-पंजीकृत सर्वेक्षकों के माध्यम से ‘सहायता प्राप्त सर्वेक्षण’ दोनों का प्रावधान है। यानी, आप या तो खुद अपना डेटा ऐप में भर सकते हैं या फिर प्रशिक्षित सर्वेक्षक से मदद ले सकते हैं।
- देशव्यापी तैयारी: अब तक, PMAY-G लागू करने वाले 26 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के दो लाख से अधिक सर्वेक्षकों और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को इस ऐप के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कौन है पात्र? यहां देखें पूरी जानकारी
नए सर्वे के तहत लाभार्थियों की पहचान संशोधित अपवर्जन मानदंडों के आधार पर की जाएगी। मूल रूप से, निम्न श्रेणियों के परिवार आवेदन के पात्र हैं:
- बेघर परिवार।
- कच्चे (कच्ची दीवार और छत) या जर्जर घरों में रहने वाले परिवार।
- लाभार्थी का चयन ग्राम सभा द्वारा तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List) के आधार पर किया जाता है।
| क्षेत्र का प्रकार | वित्तीय सहायता राशि | विशेष नोट |
|---|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1,20,000 | – |
| पहाड़ी/कठिन क्षेत्र (जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर) | ₹1,30,000 | – |
| अतिरिक्त लाभ | ₹12,000 | स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हेतु। |
| रोजगार लाभ | लगभग ₹8,600 (95 दिन का रोजगार) | मनरेगा के अभिसरण से अनाज की राशि के रूप में। |
महत्वपूर्ण सलाह: किसी भी तरह के आवेदन शुल्क या दलालों से सावधान रहें। यह एक पूर्णतः सरकारी योजना है और लाभ सीधे आपके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजा जाता है। आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा https://pmayg.dord.gov.in/ वेबसाइट या UMANG ऐप का ही उपयोग करें।
पहले से मौजूद लाभार्थी कैसे चेक करें अपनी स्थिति?
अगर आप पहले से ही योजना में पंजीकृत हैं या वर्तमान सूची में अपना नाम देखना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल पर निम्न प्रक्रिया अपनाएं:
- आधिकारिक वेबसाइट https://pmayg.dord.gov.in/ पर जाएं।
- मेन्यू में ‘Stakeholders’ पर क्लिक करें और ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ चुनें। यहां रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपना विवरण देख सकते हैं।
- बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के सूची चेक करने के लिए:
- ‘Awassoft’ मेन्यू में जाएं और ‘Report’ विकल्प चुनें।
- ‘Social Audit Reports’ सेक्शन में ‘Beneficiary details for verification’ पर क्लिक करें।
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें तथा कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें। आपके गांव की पूरी लाभार्थी सूची स्क्रीन पर आ जाएगी।
किस्त की जानकारी और अन्य सेवाएं कैसे ट्रैक करें?
UMANG ऐप योजना से जुड़ी सभी जानकारियों का एक प्रमुख केंद्र है। ऐप पर ‘Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin’ सेवा ढूंढें। यहां आप निम्न जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं:
- किस्त विवरण (Installment Details)
- लाभार्थी विवरण (Beneficiary Details)
- FTC ट्रैकिंग (भुगतान आदेश ट्रैकिंग)
- पंचायत-वार स्थायी प्रतीक्षा सूची
PMAY-G का शहरी संस्करण: PMAY-U
ग्रामीण आवास योजना के साथ-साथ केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) भी चला रही है, जिसका लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में Economically Weaker Section (EWS) और Low Income Group (LIG) को आवास उपलब्ध कराना है. इस योजना के तहत भी क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) जैसे प्रावधान हैं, जिनकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल https://pmaymis.gov.in/ पर उपलब्ध है.
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का नया सर्वे 2026 डिजिटल भारत के सपने को साकार करता एक बड़ा कदम है। ‘स्वयं सर्वेक्षण’ की सुविधा पारदर्शिता बढ़ाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र परिवार इस योजना के दायरे से बाहर न रह जाए। अगर आप या आपके जान-पहचान का कोई व्यक्ति पात्रता शर्तों पर खरा उतरता है, तो ‘आवास+ 2024’ ऐप के माध्यम से स्वयं सर्वेक्षण करने या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना नाम चेक करने की सलाह जरूर दें।


